18 जुलाई 2014 - 18:17
ज़ायोनी अत्याचार से मानवता का दिल लहूलहान।

आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीक़ी ने मौलाए कायनात अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अ. की शहादत के दिनों को ध्यान में रखते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ख़ुदा वन्दे आलम, रसूलल्लाह स. और सभी इमाम अ. अमीरुल मोमिनीन अ. पर गर्व करते हैं।

आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीक़ी ने मौलाए कायनात अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अ. की शहादत के दिनों को ध्यान में रखते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ख़ुदा वन्दे आलम, रसूलल्लाह स. और सभी इमाम अ. अमीरुल मोमिनीन अ. पर गर्व करते हैं।
उन्होंने ग़ज़्ज़ा की हित्थी जनता पर ज़ायोनी सरकार के हमलों की आलोचना की। आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीक़ी नें कहा कि ज़ायोनी सरकार अन्तर्राष्ट्रीय क़ानूनों रौंदते हुए बड़ी ताक़तों के समर्थन से क़ौमों पर हमले करती रहती है। उन्होंने कहा कि ज़ायोनी सरकार का अस्तित्व ही ज़ुल्म व अत्याचार पर आधारित है। आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीक़ी नें कहा कि साम्राजी ताक़तों नें क़ौमों के भण्डारों की लूट के लिये मध्य पूर्व में ज़ायोनी सरकार को जन्म दिया है और उसे परमाणु हथियारों से लैस कर के इलाक़े की सुख व शांति समाप्त कर दी है। उन्होंने कहा कि ज़ायोनी सरकार 6 दशकों से लड़ाई व नरसंहार की आग भड़का रही है और अत्याचारी सरकार नें पिछले हफ़्तों में तीन ज़ायोनियों के क़त्ल के बहाने ग़ज़्ज़ा की निहत्थी जनता को, जिनमें बच्चे, बूढ़े और महिलाएं शामिल हैं, अपने वहशियाना हमलों का निशाना बना रखा है। उन्होंने कहा कि ज़ायोनी सरकार के अपराधों से मानवता का दिल लहूलुहान हो गया है। उन्होंने मनावीय अधिकारों के दावेदार देशों से अपील की है कि वह ज़ायोनी बर्बरता के सामने चुप न बैठें और मासूम फ़िलिस्तीनियों की मदद के उपयुक्त क़दम उठाएं।